नाबालिग सुरक्षा के लिए हमारी प्रक्रिया कैसे काम करती है
खाता पंजीकरण के समय हम सरकारी पहचान पत्र — जैसे आधार कार्ड या पैन कार्ड — की जांच करते हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि खाताधारक वयस्क है। अगर कोई जानकारी अधूरी या संदिग्ध लगे, तो खाता तुरंत रोक दिया जाता है। इंदौर में रहने वाले हों या देश के किसी भी कोने में — हमारी पात्रता जांच हर जगह एक
समान है। अभिभावकों के लिए खाता-रिपोर्ट और नियंत्रण विकल्प भी उपलब्ध हैं जिससे वे अपने घर में किसी बच्चे की पहुँच को सीमित कर सकें। वास्तविक धन वाला गेमिंग यहाँ उपलब्ध नहीं है और लागू भारतीय कानून का पूरी तरह पालन किया जाता है।